-
252
छात्राएं -
314
छात्र -
18
कर्मचारीशैक्षिक: 128
गैर-शैक्षिक: 153
परिकल्पना
- के. वि. सं. उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अपने छात्रों को ज्ञान/मूल्य प्रदान करने और उनकी प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का पोषण करने में विश्वास रखता है।
उद्देश्य
- शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना है।
- स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने और गति निर्धारित करने के लिए।
- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) आदि जैसे अन्य निकायों के सहयोग से शिक्षा में प्रयोग और नवाचारों को शुरू करना और बढ़ावा देना।
- राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना और बच्चों में “भारतीयता” की भावना पैदा करना।

विद्यालय के बारे में
उत्पत्ति
केन्द्रीय विद्यालय (हिन्दी में: केन्द्रीय विद्यालय) भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन केंद्रीय सरकारी स्कूलों की एक प्रणाली है। यह प्रणाली 1963 में "केंद्रीय विद्यालय" नाम से अस्तित्व में आई और तब से सीबीएसई से संबद्ध है। बाद में इसका नाम बदलकर केन्द्रीय विद्यालय कर दिया गया। .
विद्यालय के दृष्टिकोण के बारे में
शिक्षा का एक सामान्य कार्यक्रम प्रदान करके रक्षा और अर्ध-सैन्य कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना; उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में गति निर्धारित करने के लिए शिक्षा में प्रयोग और नवीनता को शुरू करने और बढ़ावा देने के लिए...
विद्यालय के उद्देश्य के बारे में
केन्द्रीय विद्यालय संगठन जो केन्द्रीय विद्यालयों को नियंत्रित करता है, के मिशन में निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य शामिल हैं: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना: एक सामान्य पाठ्यक्रम और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करके, रक्षा और अर्धसैनिक कर्मियों सहित स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना।
संदेश
श्री विकास गुप्ता, भा. प्र. से., आयुक्त
शिक्षक दिवस 2026 के अवसर पर मैं देश के समस्त शिक्षक समुदाय को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता हूँ।
आज जब शिक्षा का क्षेत्र तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, तब भी शिक्षण की मूल भावना और उसका सार शाश्वत है। देशभर के केन्द्रीय विद्यालयों में हमारे शिक्षक पूर्ण समर्पण, प्रतिबद्धता और अटूट उत्साह के साथ शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्री एस वि जोगलेकर
विद्या ददाति विनयं, विनयात् याति पात्रताम्। पात्रत्वात् धनमाप्रोति धनात् धर्मं तत: सुखम्।। केंद्रीय विद्यालय संगठन, राँची संभाग की नई एवं विस्तीर्ण वेबसाइट को उपस्थापित करते हुए हमें असीम आनन्द एवं अत्यधिक प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है| यह एक ऐसी संहिता है, जो भावी नागरिकों के व्यक्तित्त्व का सम्पूर्ण विकास एवं विभिन्न क्षेत्रों में उन्हें सफलता हेतु प्रोत्साहित करने की दिशा में, शिक्षण केन्द्रों में आयोजित होने वाले कई कार्यक्रमों को प्रतिबिम्बित करती है| गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने वाले प्रमुख संगठनों में से एक केन्द्रीय विद्यालय संगठन का हिस्सा होने पर हमें गर्व है | इसकी उल्लेखनीय अभिवृद्धि एवं योगदान का अभिज्ञान मुझे गौरवान्वित करता है| अपनी स्थापना के पश्चात् से ही केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ एक सम्यक पथ-प्रदर्शक के रूप में कार्य करते हुए विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी एवं महत्त्वपूर्ण संस्था के रूप में स्वयं को स्थापित किया है| केन्द्रीय विद्यालय संगठन के जिन शिक्षकों को यह प्रयोजन सौंपा गया है, वे शिक्षाशास्त्र के व्यापक उद्देश्य के बारे में पर्याप्त रूप से उन्मुख हैं। शिक्षा किसी राष्ट्र का मेरूदण्ड होता है| उचित शिक्षा स्वस्थ मस्तिष्क एवं सुयोग्य नागरिकों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण योगदान देती है| यदि हम इस बदलती हुई नई विश्व व्यवस्था में अपना अस्तित्त्व बचाए रखते हुए निरंतर प्रगति कर अपनी पहचान बनाना चाहतें हैं तो, हमें स्वयं को नवीनतम समुचित ज्ञान एवं आधुनिकतम कौशलों से समृद्ध करना होगा| भारत में 21वीं शताब्दी की चुनौतियों का सामना करने के लिए हम युवा मस्तिष्क को तैयार करने की एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहें हैं| इस दिशा में आने वाली विघ्न-बाधाओं से निपटने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है| राष्ट्र निर्माण हेतु आवश्यक ‘मानव संसाधन’ के विकास का लक्ष्य केवल जन शिक्षा एवं सम्यक ज्ञान के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है| मैं केंद्रीय विद्यालय संगठन, राँची संभाग में प्रतिभाशाली एवं उत्कृष्ट समर्पित समूह पाकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ और इस अवसर पर केन्द्रीय विद्यालय संगठन राँची संभाग के सभी कर्मचारियों से हमारे विद्यार्थियों की उत्कृष्टता के लिए मिलकर काम करने की अपील करना चाहता हूं। मैं उन सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ, जो केंद्रीय विद्यालय संगठन के शैक्षणिक वातावरण में अपने भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। शुभकामनाओं सहित !!
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श्री लिविन लाकड़ा
प्रभारी प्राचार्य
स्कूल प्रचार्य संदेश - हमारे केन्द्रीय विद्यालय खूंटी वेबसाइट में आपका स्वागत है। केन्द्रीय विद्यालय का उद्देश्य बेमिसाल गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना है: बच्चों में अव्यक्त रूप से विकसित करना और सीखने की खुशी में बच्चे का पता लगाने और रहस्योद्घाटन करने के लिए प्रोत्साहित करना। एंडेवर बच्चों के चेहरे पर मुस्कुराहट बनाए रखने के लिए है, दिल, चरित्र, राष्ट्र और दुनिया के बीच की खूबसूरत कनेक्टिविटी को महसूस करते हुए युवापन की ऊर्जा को चैनलाइज करता है। बच्चे के दिमाग और आत्मा को देखने के लिए जागृत होना पड़ता है, जो कुछ भी उसके लिए नया है उसे खोजें और जानें। पाठ्यक्रम पूर्व-प्राथमिक स्तर से जुड़ा हुआ है और छात्रों के लिए अकादमिक कौशल विकसित करने और धीरे-धीरे ज्ञान का विस्तार करने का सबसे अच्छा अवसर प्रदान करने के लिए बारीकी से निगरानी की जाती है। शैक्षिक प्रौद्योगिकी ने जीवन के सभी क्षेत्रों को अनुमति दी है। हमारा एंडेवर सीखने की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के प्रयास में प्रौद्योगिकी और उसके अनुप्रयोग की श्रेणी को 'कक्षा भर में' एकीकृत करना है। आधुनिक शिक्षण रणनीतियों, छात्र संवर्धन इकाई का प्रावधान, विभिन्न छात्र सीखने की शैलियों की पहचान और शैक्षणिक सहायता की संस्कृति हमारे स्कूल में एक विशेष शिक्षण समुदाय का निर्माण करती है। मनुष्य की जरूरतों में वैश्वीकरण और बढ़ती विविधता ने प्रतिस्पर्धी कौशल के लिए एक बढ़ी हुई मांग उत्पन्न की है, और यहां हमारे स्कूल में, हमारा उद्देश्य उस मंच को प्रदान करना है जहां ऐसी आवश्यकताएं पूरी होंगी। हमारा ध्यान बच्चों को स्वायत्त सीखने के लिए प्रशिक्षित करना है। हमारा सबसे महत्वपूर्ण प्रयास छात्रों को एक ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो उन्हें अपने 'सपनों' और कौशल को पहचानने और महसूस करने की अनुमति देता है और जोश को बढ़ाने के लिए प्रज्वलित करने में सक्षम है। छात्रों को एक ऐसा वातावरण दिया जाएगा, जिसमें उनकी खूबियों और खूबियों को एक निखार दिया जा सके, उनकी रचनात्मकता का विकास हो और सहजता का पोषण हो। वे विश्लेषणात्मक और तार्किक सोच के साथ संपन्न वयस्कों में विकसित होते हैं, एक दिमाग जो जिज्ञासु और जिज्ञासु है और एक संवेदनशीलता है जो उन्हें विचार, शब्द और कर्म में मानवीय बनाता है।
और पढ़ेंअद्यतनीकरण
- शैक्षणिक सत्र 2026–27 हेतु विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश के लिए रिक्त सीटें उपलब्ध
- कक्षा XI विज्ञान 2026-27 में गैर-केवी छात्रों के प्रवेश की पहली अनंतिम सूची
- कक्षा XI (विज्ञान स्ट्रीम) सत्र 2026-27 के.वि.के बाहर के छात्रों के लिए प्रवेश सूचना
- सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न श्रेणियों में कक्षा-1 और बाल वाटिका-3 में रिक्तियां
- कक्षा-1 सत्र 2026-27 की दूसरी अनंतिम सूची
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शैक्षणिक योजनाकार
वर्ष 2024-25 के लिए शैक्षणिक योजना
शैक्षिक परिणाम
सत्र २०२३-२४ कक्षा १० का परिणाम १०० %
बाल वाटिका
बाल वाटिका-3
निपुण लक्ष्य
निपुण का मतलब समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल है।
शैक्षणिक हानि कार्यक्रम का मुआवजा (सीएएलपी)
शैक्षणिक हानि
अध्ययन सामग्री
अध्ययन सामग्री
कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण
कार्यशाला एवं प्रशिक्षण
विद्यार्थी परिषद
छात्र परिषद का गठन हो चुका है 2024-25
अपने स्कूल को जानें
यूडिस-कोड स्कूल; यूडिस नं-->20230605802
अटल टिंकरिंग लैब
इस विद्यालय में उपलब्ध नहीं है
डिजिटल भाषा लैब
इस विद्यालय में उपलब्ध नहीं है
आईसीटी - ई-क्लासरूम एवं प्रयोगशालाएँ
आईसीटी प्रयोगशाला
पुस्तकालय
केवी खूंटी पुस्तकालय
प्रयोगशालाएँ - भौतिकी/रसायन विज्ञान/जीवविज्ञान
इस विद्यालय में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और जूनियर विज्ञान प्रयोगशालाएं उपलब्ध हैं
भवन और बाला पहल
भवन और बाला पहल
खेल अवसंरचना (खेल के मैदान)
खेल अवसंरचना
एसओपी/एनडीएमए
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन
खेल
एनएसएम हॉकी-52 लड़के अंडर-15 और अंडर-19 खूंटी में
एनसीसी/स्काउट एवं गाइड
स्काउट एवं गाइड शावक और बुलबुल
शिक्षा भ्रमण
भ्रमण शिक्षा
ओलम्पियाड
ओलिंपियाड
प्रदर्शनी - एनसीएससी/विज्ञान/आदि
एनसीएससी/विज्ञान/आदि
एक भारत श्रेष्ठ भारत
एक भारत, श्रेष्ठ भारत
हस्तकला या शिल्पकला
हस्तकला-या-शिल्पकला
मजेदार दिन
प्रत्येक शनिवार प्राइमरी में फ़नडे होता है
युवा संसद
युवा संसद
पीएम श्री स्कूल
तीसरे चरण में विद्यालय को पीएम श्री स्कूल के रूप में चुना गया है
कौशल शिक्षा
कौशल शिक्षा
मार्गदर्शन एवं परामर्श
तरुनोस्तव का आयोजन 17/04/2024 को किया गया था
सामाजिक सहभागिता
सामाजिक-सहभागिता
विद्यांजलि
विद्यांजलि योजना
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विद्यालय पत्रिका
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News & Stories about Students, and innovation across the School
उपलब्धियाँ
शिक्षक
विद्यार्थी
नवप्रवर्तन
कक्षा पांच के विद्यार्थियों द्वारा बेकार सामग्री से चित्र बनाकर सीखना
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